विधानसभा: गृह विभाग की अनुदान मांग पर शिवरतन को बोलने से टोका.. बीजेपी विधायकों ने किया वाक आउट

 विधानसभा: गृह विभाग की अनुदान मांग पर शिवरतन को बोलने से टोका.. बीजेपी विधायकों ने किया वाक आउट

तोपचंद, रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के नौंवे दिन सरकार में मंत्री ताम्रध्वज के विभागों की अनुदान मांग पर चर्चा हुई। चर्चा के दौरान बीजीपी विधायक शिवरतन शर्मा के भाषण में समय कटौती से क्षुब्ध हो कर बीजीपी विधायकों ने वाक आउट कर दिया।

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बीजेपी विधायक शिवरतन शर्मा ने कटौती प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए कहा कि मंत्री ताम्रध्वज साहू के पास पांच महत्वपूर्ण विभाग है।

2018 का जब चुनाव हो रहा था तब स्लोगन दिया गया था गढ़बो नवा छत्तीसगढ़, यह कैसा छत्तीसगढ़ गढ़ा गया है इसे प्रदेश की जनता समझ रही है।

छत्तीसगढ़ अपराध गढ़ के रूप में परिवर्तित हुआ है। शांति के टापू छत्तीसगढ़ को अपराध गढ़ में बदलने का काम सरकार ने किया। कोई भी ऐसा अपराध नहीं है जो छत्तीसगढ़ में नहीं हो रहा है, शिवरतन ने कहा

पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने अधिकारियों की गैर मौजूदगी को लेकर सवाल उठाते हुए कहा- यह उचित नही है कि जिस विभाग पर चर्चा चल रही हैं उन विभागों के सचिव अधिकारी दीर्घा में मौजूद नहीं है।

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि- सचिव की मौजूदगी से मंत्री का सम्मान बना रहे।

शिवरतन शर्मा ने आगे कहा – आज के समाचार में खबर छपी है कि 8 करोड़ रूपये के जाली नोट ओडिशा की पुलिस ने पकड़ी। ये जाली नोट नया रायपुर में छपता था। जहाँ पुलिस मुख्यालय है।

शिवरतन ने गिनाते हुए कहा-
– छत्तीसगढ़ में हत्या की सुपारी ली जा रही है।
– छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया, सोशल मीडिया पर ये चल रहा है।
– एक और स्लोगन चल रहा है. ऐसा कोई सगा नहीं जिसे उन्होंने ठगा नहीं. छत्तीसगढ़ का यही हाल है।
– छत्तीसगढ़ में 2019 में 900 से ज्यादा हत्याएं हुई है. 2020 में छह सौ से ज्यादा हत्याएं  हुई है. बलात्कार और लूटपाट की घटनाएं भी बढ़ी हैं।
– हत्या, चोरी, बलात्कार, जैसी घटनाएं हर जगह बढ़ी है। कौन सा एरिया सुरक्षित रह गया है ?
– कहीं न कहीं अपराधियों को सरकार का संरक्षण दिया जा रहा है।
– हाथरस की घटना पर पूरे देश के नेता और मीडिया वहां जाता है, लेकिन  छत्तीसगढ़ में बलात्कार की घटना को सरकार का मंत्री छोटा बताता है। सरकार में गृहमंत्री उस बयान का खंडन तक नहीं करते।
– पीसीसी चीफ की विधानसभा में एक आदिवासी बच्ची के साथ बलात्कार होता है।
इस पर मोहन मरकाम ने टिप्पणी कर कहा कि आरोपी बीजेपी का था।

शिवरतन शर्मा ने टिप्पणी पर जवाब देते हुए कहा कि अपराधी, अपराधी होता है, किसी पार्टी का नहीं होता।

छत्तीसगढ़ में अपराध बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है कि नशे का कारोबार बढ़ना। 2018 में जब सरकार बनी तब यह कहा गया था कि सरकार बनते ही शराबबंदी की जाएगी। शराबबंदी तो दूर अब शराब की ऑनलाइन डिलीवरी की जा रही है। जिस कोचिया सिस्टम को बीजेपी की सरकार ने बंद करवा दिया था उसे फिर से इस सरकार ने शुरू कर दिया है।

2019 में 17 हजार से ज्यादा , 2020 में 14 हजार से ज्यादा अवैध शराब के प्रकरण दर्ज हुए हैं. 99 फीसदी शराब छत्तीसगढ़ में ही बनती हैं, अलग-अलग प्रान्तों का लेवल लगाया जाता है. यही खपाया जाता है। ये मुख्यमंत्री से लेकर गृहमंत्री तक जानते हैं कि अवैध शराब का काम कौन देख रहा है।

शराब दुकानों की स्थिति ये है कि जो अतिरिक्त कोरोना शुल्क लगाया गया। इसके अतिरिक्त शराब पर 10 से 15 रुपये एक्सेस शुल्क लिया जा रहा है।

शराब की वजह से होने वाली दुर्घटनाओ में 5 हजार 244 लोग मरे है। 17 हजार से ज्यादा लोग घायल है।

2018 में जब सरकार बनी तब घोषणा पत्र में पुलिस के लिए कई वादे थे। मंत्री से मैं पूछता हूँ कि पुलिस कल्याण कोष में कितना शासकीय अनुदान दिया। कितने थानों में महिला सेल बनाया गया। पुलिस के तृतीय और चतुर्थ कर्मचारियों के लिये कितने आवास दिए गए? ये बता दीजिए।

पुलिस के साप्ताहिक अवकाश का वादा किया था। 70 हजार के बल वाले राज्य में यदि साप्ताहिक अवकाश दिया जाए तो 10 हजार लोग रोज छुट्टी पर रहेंगे।

जेल विभाग की स्थिति ये है पिछले साल सूरजपुर, पेंड्रा, नारायणपुर, सुकमा, बालोद को जिला जेल में बदलने की घोषणा सदन में की थी। यह आज तक नही हो पाया। जेलों में क्षमता से अधिक कैदी रखे गए हैं। एक बंदी को दिन भर में 525 ग्राम चावल या आटा, दाल 115 ग्राम, शक्कर 25 ग्राम, हल्दी 1 ग्राम ये दिया जा रहा है। नास्ते में सिर्फ खिचड़ी दी जाती है। मानवीय दृष्टिकोण दिखाइए। क्या यह एक बंदी के लिए पर्याप्त है।

एक्सप्रेस हाइवे क्षतिग्रस्त हुआ। जब क्षतिग्रस्त हुआ तब मंत्री लाव लश्कर के साथ देखने गए। उन्होंने बयान दिया कि भ्रष्टाचार में लिप्त सभी लोगों को ठीक किया जाएगा। किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा। दो साल हो गए क्या हुआ? किसी एक पर भी कार्रवाई हुई?  स्काई वाक जस का तस पड़ा हुआ है।

इस बीच विस अध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत ने शिवरतन शर्मा को टोकते हुए कहा कि चर्चा में आपने आधे घंटे से ज्यादा वक्त हो गया।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा- सदन परम्पराओं से चलती है। अजय चंद्राकर ने कहा कि, बेहतर है कि गिलोटिन से बजट पारित कर दिया जाए।
इसके बाद शिवरतन शर्मा लगातार बोलते रहे, इतने में अध्यक्ष ने टोका तो चर्चा से बीजेपी के सदस्यों ने सदन वाक आउट कर दिया।

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Shrikant Baghmare

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