दुर्दम्य, दुष्कर, अविस्मरणीय 2020: साल जिसने जीने का तरीका बदल दिया… छत्तीसगढ़ में क्या घटा इस साल देखें

 दुर्दम्य, दुष्कर, अविस्मरणीय 2020: साल जिसने जीने का तरीका बदल दिया… छत्तीसगढ़ में क्या घटा इस साल देखें

स्पेशल डेस्क, तोपचंद। अब से कुछ देर बाद साल 2020 को हम अलविदा कहने लगे वाले है, इससे पहले बीते साल की कुछ उन घटनाओं को याद करते हैं जिसने आपके और हमारे जीवन पर गहरी छाप छोड़ी है।

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निकाय चुनाव में ताबड़तोड़ प्रदर्शन के बाद आईटी रेड

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साल 2020 की शुरुआत वैसे तो अच्छी रही सरकार ने एक वर्ष पूरे होने पर अपनी पीठ भी थपथपाई, नगरीय निकाय चुनाव में शानदार प्रदर्शन कर एक बार फिर भाजपा को ध्वस्त किया। लेकिन फरवरी के आखिरी सप्ताह में केंद्रीय आयकर विभाग के छापे ने सरकार की नींद उड़ा दी।

यह छापा था छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी माने जाने वाले लोगों पर पड़ा। इसकी जद में रायपुर के मेयर एजाज ढेबर, शराब कारोबारी अमोलक सिंह भाटिया, पूर्व आईएएस और वर्तमान में रेरा के चेयर पर्सन विवेक ढांड, आईएएस अनिल टुटेजा, केबल व्यापारी गुरुचरण सिंह होरा और मुख्यमंत्री की सबसे ज्यादा करीबी माने जाने वाली सीएम डिप्टी सेक्रेटरी सौम्या चौरसिया आई थीं।

सूत्र बताते हैं कि इन छापों में आयकर विभाग की केंद्रीय टीम ने रायपुर, भिलाई, बिलासपुर समेत प्रदेश के अन्य स्थानों में करोड़ों रुपये नगद, करीब 200 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति के दस्तावेज बरामद किए गए थे। हालांकि इस छापे में क्या कुछ मिला किसी के पास कोई पुख्ता जानकारी नहीं है।

कोरोना की छत्तीसगढ़ में एंट्री

वैसे तो कोरोना संक्रमण के दुनिया भर में फैलने की खबर जनवरी से ही आने लगे थे, लेकिन छत्तीसगढ़ में इसका फैलाव 17 मार्च को शुरू हुआ। लंदन से लौटी रायपुर की एक युवती में इसका संक्रमण पाया गया। धीरे धीरे संक्रमण पूरे प्रदेश में फैल गया। इस बीच देशभर के साथ छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन की घोषणा हुई, लोगों ने वर्क फ्रॉम होम को अपनाया। प्रदेश में लाखों प्रवासी मजदूर लौटे तो यहां की सरकार ने दूसरे प्रदेश जाने वाले मजदूरों के लिए सुविधा भी उपलब्ध कराई।

सुकमा में 17 जवान शहीद

इस बीच सुकमा से खबर आई कि बस्तर के बीजापुर में नक्सलियों और जवानों के बीच खूनी संघर्ष हुआ जिसमें हमारे 17 जवान मारे गए हैं और 14 घायल है। शहीद होने वालों में 12 एसटीएफ और 5 बीएसएफ के जवान थे।

धारदार राजनेता सपनों के सौदागर अजीत जोगी का निधन

प्रदेश में लगे लॉकडाउन अब खुलने की ओर था.. मई के महीने में राज्य के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी बीमार पड़े। करीब दो हफ्ते अस्पताल में रहने के बाद जोगी ने 29 मई को दुनिया को छोड़ दिया। जोगी कहते थे वे सपनों के सौदागर है, वे सपने बेचते है। जोगी के निधन के बाद पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई, जोगी का जाना प्रदेश को खूब खला। उनका अंतिम संस्कार उनके गृहग्राम में किया गया।

कांकेर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पत्रकार को सरेआम पीटा

कांग्रेस की सरकार में सत्ता में मदहोश कांकेर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरेआम प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला की पिटाई कर दी। पर सवाल है क्यों ? दरअसल कांकेर में पत्रकार सतीश यादव लगातार कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पालिका अध्यक्ष के विरोध में लिख रहे थे। इस बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले पत्रकार सतीश यादव को एक चाय दुकान से पीटते हुए थाना लेकर गए। इस घटना की जानकारी स्थानीय पत्रकारों को हुई, तब शहर के तमाम पत्रकारों के साथ कमल शुक्ला भी घटना के विरोध में थाने पहुंचे। यहां कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और कमल शुक्ला के बीच बात और फिर विवाद हुआ। कांग्रेस कार्यकर्ता के पुलिस के सामने से कमल शुक्ला को थाने से खींच कर सड़क पर ले आये और उन्हें पीटने लगे। इसका घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, पत्रकार कमल शुक्ला का आरोप है कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उन्हें डराने के लिए हवाई फायरिंग भी की थी।

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर और कोंडागांव में रेप, मंत्री ने कहा – ये छोटी घटना है

देश में हाथरस गैंगरेप को लेकर आक्रोश था, कांग्रेस और कई संगठने भी इस विषय को लेकर मोदी सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे थे। इधर, छत्तीसगढ़ के बलरामपुर और कोंडागांव से गैंगरेप की खबर सामने आई। दरअसल बलरामपुर के वाड्रफनगर में एक 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची जंगल में मिट्टी लेने गयी थी, इस दौरान वह गैंगरेप का शिकार हुई।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री शिवकुमार डहरिया ने हाथरस की घटना पर बोलते हुए बलरामपुर की घटना को छोटी घटना बता दिया। इसके बाद मचे सियासी बवाल पर मंत्री डहरिया ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी।

इंसाफ के लिए खोदनी पड़ी कब्र

घटना कोंडागांव की है। एक किशोरी अपने पहचान वाले की शादी में गई थी, यहां कुछ लोगों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। कुछ दिन बाद लड़की ने आत्महत्या कर लिया। उसका अंतिम संस्कार किया गया। मामले का खुलासा उसकी सहेली ने दो माह बाद किया। उसके सहेली के अनुसार नाबालिग के साथ 7 लोगों ने दुष्कर्म किया था। सहेली की शिकायत के बाद नाबालिग की बॉडी को पुलिस ने निकाला और पीएम कराया, इस घटना को अंजाम देने वाले सभी आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

छत्तीसगढ़ में पहली बार सामने आया ड्रग्स कनेक्शन

छत्तीसगढ़ की राजधानी में कोतवाली थाना में श्रेयांश झाबक और विकास बंछोर की गिरफ़्तारी के बाद पहली बार ड्रग्स का कनेक्शन सामने आया था, पुलिस जब इस मामले की तहकीकात करने लगी तो रायपुर समेत भिलाई, दुर्ग और बिलासपुर में इसके चलन खुलासा हुआ, जो ड्रग पैडलर के रूप में ड्रग का कारोबार धड़ल्ले से चला रहे थे। इन्हें नाइजीरियन मूल का एक नागरिक ड्रग्स की सप्लाई करता था। पुलिस ने इस मामले में करीब 18 लोगों की गिरफ्तार कर जेल भेजा है, इसमें नाईजीरियन मूल का नागरिक शामिल है। पुलिस का दावा है कि इस मामले में अभी और जांच की जा रही है।

संविलयन पर लगी मुहर

साल 2020 प्रदेश में शिक्षकों के लिए बेहद अच्छा रहा, प्रदेश सरकार ने इस साल एक नवंबर को डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों का संविलयन कर दिया। संविलियन की राह शिक्षकों के लिए आसान नहीं था। लंबी लड़ाई लड़ने के बाद उनको यह हक मिला। संविलियन के लिए शिक्षकों ने कई आंदोलन किया था।

छोड़ गए बाबू जी

साल 2020, 21 दिसंबर ने कांग्रेस से उनका एक सदी छीन लिया, यह क्षति थी मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मोती लाल वोरा का जाना। दिल्ली के एक निजी अस्पताल में वोरा का निधन हुआ। वोरा 93 की उम्र में भी एक सक्रीय नेता के रूप में जाने जाते थे, गांधी परिवार से उनके नजदीकियों के किस्से किसने नहीं सुने है। उनके निधन पर प्रदेश में राजकीय शोक का ऐलान किया गया था। उनका अंतिम संस्कार उनकी गृह ग्राम दुर्ग में किया गया।

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Shrikant Baghmare

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