Vidhansabha Breaking : मंत्री अमरजीत भगत ने कहा – अजय चंद्राकर जी को बोलने दीजिए नहीं तो उनके पेट में दर्द हो जाएगा… जवाब में कही ये बात !

 Vidhansabha Breaking : मंत्री अमरजीत भगत ने कहा – अजय चंद्राकर जी को बोलने दीजिए नहीं तो उनके पेट में दर्द हो जाएगा… जवाब में कही ये बात !

तोपचंद, रायपुर। भाजपा विधायक कृष्णमूर्ति बांधी के एक सवाल पर मंत्री अजय चंद्राकर ने हस्तक्षेप कर समर्थन में सवाल दाग रहे थे, इतने में शिक्षकमंत्री प्रेम साय सिंह टेकाम ने उन्हें रोकते हुए कहा कि मुझे पूरा पढ़ने दीजिए.. इतने में खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि अजय चंद्राकर जी को बोलने दीजिए नहीं तो उनके पेट में दर्द हो जाएगा।

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दरअसल, मस्तूरी से विधायक कृष्णमूर्ति बांधी ने प्रश्न किया – कितने विद्यामितान शिक्षक के रूप में कार्यरत थे ? उन्हें कब से वेतन नहीं मिला है ?

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मंत्री प्रेमसाय सिंह ने जवाब में कहा कि – पहली बात तो यह है कि कोई विद्यामितान अभी है नहीं !

बांधी ने पूछा कब से नहीं है

मंत्री ने कहा कि जब विद्या मितान है नहीं तो उन्हें वेतन देने के का कोई सवाल ही नहीं उठता

बांधी ने कहा कि अतिथि शिक्षक होंगे ?

मंत्री टेकाम ने कहा कि ये पूछिए न !

बांधी ने कहा कि आप अभी अलग-अलग परिभाषित कर लीजिए, लेकिन वो अतिथि शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।उन्हें कितने दिनों से वेतन नहीं मिला है ?
मंत्री टेकाम ने जवाब दिया हमने अतिथि शिक्षक की एक व्यवस्था हमने की थी और जहां रिमोट एरिया में, शेड्यूल एरिया में, आदिवासी एरिया में जहां जरुरत है। वहां अतिथि शिक्षक के रूप में उनकी नियुक्ति दी जानी थी और यह शिक्षकीय व्यवस्था थी।

बांधी ने टोकते हुए पूछा किस-किस जिले में

मंत्री टेकाम ने कहा कि अतिथि शिक्षक की नियुक्ति शासन द्वारा नहीं की गई थी। ये एक व्यवस्था है, जिसके तहत जहां रिमोट एरिया में व्याख्यता के पद रिक्त थे, वहां के शाला प्रबंधन और शाला विकास समिति के द्वारा की जानी थी और उसमें यह था कि वे स्कूल में जाकर ऑफलाइन पढाएंगे, शाला विकास समिति उनको सर्टिफाईड करेगा। इसके बाद उन्हें जो भी मानदेय होगा उसे दिया जाएगा। इनकी संख्या उस समय 2220 थी, चूंकि अभी लॉकडाउन के समय में स्कूलें बंद है, और जब स्कूल बंद है तो वहां पढाई नहीं हो रही है, मार्च से बंद है इसलिए उन्हें किसी प्रकार की सुविधा नहीं दी जा रही है।

इतने में खाद्यमंत्री अमरजीत ने कहा कि अजय चंद्राकर जी को पहले बोलने दिया जाए तो नहीं तो उनके पेट में दर्द हो जाएगा

विधानसभा उपाध्यक मनोज मंडावी ने कहा – हाँ इसी लिए मैंने कहा

पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि स्कूल शिक्षा, हाई स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा पर मेरा 139 था जिसको आसंदी ने कहा था अगले सत्र में लेंगे आगे जब प्रश्नों को सुनेंगे तो देखेंगे प्रदेश में शिक्षा की स्थिति कितना ख़राब है..आप सुनेंगे वो स्थिति सीतापुर में भी है।

खाद्य मंत्री अमरजीत ने कहा कि आप स्कूलों की बात कर रहे हैं आप के ही समय 3000 हजार स्कूलों को बंद कर दिया गया था।

अजय ने कहा कि मैं शिक्षा ख़राब है कहा स्कूल नहीं ! ये समय काटने का चक्कर है और कुछ नहीं है।

अजय ने सवाल पूछते हुए कहा कि विद्या मितानो की व्यवस्था होने तक अतिथि शिक्षक के रूप में कार्य करने का आदेश जारी हुआ था, मंत्री जी का उत्तर सुनेंगे तो उन्होंने कहा है कि शासन द्वारा आदेश जारी नहीं हुआ है, फिर मंत्री जी ने कहा कि ऑफलाइन जितना पढाएंगे हम उसका उतना देंगे। फिर कहा शाला विकास समिति उसको प्रमाणित करेगी तब दिया जाएगा। बांधी जी का प्रश्न था कि किस-किस जिले में कैसे नियुक्ति की गई, इसी में मेरा प्रश्न है व्यवस्था होने तक अतिथि शिक्षक के लिए कब आदेश जारी किया गया ? कितने शिक्षकों का जारी किया ? और अब तक उन्हें कितने अवधि का कितना वेतन प्राप्त है और कितना नहीं है ? 14 हज़ार पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है, उसमें कौन-कौन से पद पर नियुक्ति हो रही है, यह नियुक्ति कहाँ पर अटकी है और कब तक हो जाएगी ?

मंत्री टेकाम ने कहा – अतिथि शिक्षक एक अंतरिम व्यवस्था है, और किसी प्रकार का नियुक्ति और पदस्थापना आदेश जारी नहीं की जाएंगे। इसके लिए आदेश 24 जुलाई 2019 को जारी हुए है।

अजय चंद्राकर ने फिर टोका तो मंत्री अमरजीत भगत ने कहा आप टोकते बहुत है, जब तक सुनेंगे नहीं कैसे बनेगा ! मंत्री टेकाम से कहते हुए अमरजीत ने आगे कहा कि आप जब तक पढ़िए तब वो बेहोश नहीं हो जाते।

मंत्री टेकाम ने कहा कि जब तक नियुक्ति नहीं हो जाती, तब ये अथिति शिक्षक के तौर पर काम करेंगे। और शिक्षक भर्ती पर जो आपने सवाल किया है उसमें बता दूँ व्याख्याता पद पर 3177, शिक्षक 5441, सहायक शिक्षक 4000, शिक्षक अंग्रेजी माध्यम 456, सहायक शिक्षक 306, सहायक शिक्षक दिव्यांग 1200 नियमित भर्ती की जा रही है। आप के समय में तो सब कर्मी थे, आप लोग केवल काम टालने के लिए काम करते थे।

इसके बाद सदन में सता पक्ष और विपक्ष के बीच तीख नोंकझोंक हुई है।

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Shrikant Baghmare

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