छत्तीसगढ़ का एक जिला कोरोना को नहीं उठाने दे रहा सिर, जानिए कैसे कोविड-19 की दूसरी लहर में भी सुरक्षित है नारायणपुर

 छत्तीसगढ़ का एक जिला कोरोना को नहीं उठाने दे रहा सिर, जानिए कैसे कोविड-19 की दूसरी लहर में भी सुरक्षित है नारायणपुर
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श्रीकांत बाघमारे, तोपचंद। छत्तीसगढ़ में नोवेल कोरोना वायरस के फैलने का एक कारण यह भी है कि इसे किसी ने गंभीरता से नहीं लिया और यही वजह है कि राज्य में संक्रमण तेजी से फैलता गया। जहां एक ओर राज्य के लगभग सभी जिलों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर बस्तर संभाग का नारायणपुर जिला बचाव का रास्ता भी दिखा रहा है। यहां कोरोना की दूसरी लहर का उतना असर नहीं है, जितना राज्य के अन्य जिलों में है।

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नारायणपुर जिला में कोरोना कभी सिर नहीं उठा पाया है। जिले में संक्रमण मामूली ही रहा। मंगलवार के स्थिति में कुल पॉजिटिव मरीजों की संख्या 2,091 थी। इसमें से 2007 मरीज कोरोना संक्रमण से मुक्त हो चुके है। जिले में 82 सक्रिय मरीज हैं। छत्तीसगढ़ में जहां कोविड डेथ ने लोगों को डराकर रखा है। वहीं नारायणपुर में बीते साल से अब तक कोरोना दो ही लोगों को मौत के मुंह में धकेल सका।

नारायणपुर के कलेक्टर धर्मेश साहू कहते हैं कि हमारे जिले में बाहरी लोगों की आवाजाही कम है। बावजूद जिले में सख्ती से कोविड गाइडलाइन का पालन किया जा रहा है। प्रत्येक नागरिक कोरोना को लेकर जागरूक है। बिना मास्क के लोग घरों से नहीं निकलते हैं। दुकानों और बाजारों में भी कोविड गाइडलाइन के अनुरूप फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है।

कलेक्टर आगे बताते हैं कि नारायणपुर पूर्णत: आदिवासी इलाका है। यहां के लोगों का खान-पान अलग है। इसलिए इनमें प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा है। यह भी एक कारण है कि यहां 99.9% लोग कोरोना को मात देने में सक्षम हैं। कोरोना को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह से सतर्क है और हर मोर्चे के लिए तैयार है। अभी जिले में प्रतिदिन 10 की संख्या में पॉजिटिव पाए जा रहे हैं।

नारायणपुर में संक्रमण का नाममात्र फैलाव बाहरी लोगों की कम आवाजाही से ही है। ऐसा नहीं है कि यहां कोई बड़ा आयोजन नहीं हुआ है, यहां हाल ही में अबूझमाड़ मैराथन आयोजित हुई थी। लेकिन कोरोना के प्रति जागरूकता ने संक्रमण को फैलने नहीं दिया। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ में कोरोना से निपटने में नारायणपुर अव्वल है। बहरहाल अन्य जिलों को भी नारायणपुर मॉडल पर काम करने की जरूरत है, ताकि प्रदेश से कोरोना को भगाया जा सके।

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Shrikant Baghmare

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