Exclusive बीजापुर नक्सल अटैक : कोबरा बटालियन के जवान का ऑडियो तोपचंद के पास, सुनाई मुठभेड़ की दास्ताँ

 Exclusive बीजापुर नक्सल अटैक : कोबरा बटालियन के जवान का ऑडियो तोपचंद के पास, सुनाई मुठभेड़ की दास्ताँ

तोपचंद, रायपुर। बीजापुर में शनिवार को हुए नक्सली हमले में शामिल कोबरा बटालियन के जवान का कुछ ऑडियो क्लिप तोपचंद डॉट कॉम के हाथ लगा है। इसमें जवान अपने एक दोस्त को मुठभेड़ में किस तरह उनकी टीम लड़ी, इसकी पूरी दास्ताँ सुना रहा है।

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सुनिए, ऑडियो : सिर्फ आपके तोपचंद में 

जवान ने इस ऑडियों में दावा किया है कि इस हमले में बहुत बड़ी कैजुअल्टी हो सकती थी। जवान ने आशंका जताई के अगर हम लड़े न होते तो आज शहीदों के आंकड़ें 70 पार होते। कोबरा के इस जवान ने फोर्स के एक-एक साथी की तारीफ की है। इसी के साथ-साथ भारी संख्या में वैपन आर्म्स लुटे जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि कोबरा के जवान शहीद जवानों की बॉडी नहीं ला सके तो उनके हथियार ही उठाकर ले आए।

जवान ने कहा : भाई नरेश उस्ताद आपने जो CTJW Belgaum में सिखाया, तीन महीने आप से रगड़ा खाया लेकिन एक चीज़ वहाँ सीखी चाहे कुछ भी हो जाए लड़ो और जीतों फ़ाइट करो.. ठीक है जीतेगा.. कोबरा जीता.. कोबरा लास्ट तक लड़ता रहा, हम लड़ें। कल हिड़मा को हमने बता दिया कि साले… तूने गलत जगह पंगा ले लिया। उसकी नक्सली की हमने कितनी बुरी कंडीशन कर रखी थी हमने। कम से कम नहीं तो 40-42 नक्सली मरे है उसके। दो ट्रैक़्टर भर के उसकी डेड बॉडी गई है उसकी गांव में, आज जो टीमें वहाँ गई थी न सर्च करने उनसे पता किया है, इतने नक्सली मरा है। गांव वालों ने उनको आगे आने नहीं दिया। वो बोल रहे जो ये न्यूज़ में दिखा रहे न 2 मरे, तीन मरे, चार मरे.. ये तो हिड़मा को देना पड़ेगा इसका जवाब, वो आएग.. वो पक्का लिखेगा पत्रिका में…

जवान ने आगे कहा – वहाँ पे सेट से बोलते रहे चॉपर, चॉपर, चॉपर, यार मानना पड़ेगा इस फ़ौज को सुबह 11 बजे बोल रहा है अभी चॉपर उड़ गया। 1 बज गया फिर बोल रहा है चॉपर जीआर बताओ। फिर उसके लिए बोल रहा है चॉपर अभी वहाँ नहीं आ सकता। फिर बाद में बोल रहा है आपको तीन किलोमीटर और आगे जाना पड़ेगा। वहाँ गए वहाँ फिर बोल रहे हैं चॉपर के लिए अभी आईजी से बात चल रही है। अरे यार हद हो गई…रिइंफ़ोर्समेंट तुम नहीं भेज रहे.. रिइंफ़ोर्समेंट के लिए 168 को बताया वो लोग अपनी कंपनी से चले और एक पहाड़ी पर बैठे गए बताओ ! कोई मतलब नहीं, लेकिन जैसे हमारी पार्टी थोड़ी आगे आयी। तो नक्सली हमारे पीछे 8 किलोमीटर तक आए है। और वो 8 किमी तक आने के बाद जब CRP को हमारे को पता चल गया GRP CRP है तो हमने फ़ोन किया। वहाँ पर फ़ोन लग रहा था। हमने फ़ोन किया सेट से कम्यूनिकेशन कराया। फिर हमारे DC सर है उन्होंने बोला ऊपर पहाड़ी पार बैठे रहोगे क्या ? नीचे नहीं आना ! फिर उन लोगों ने नीचे से आके दाहिनी ओर से पूरा घेरा डाला। फिर वो जब नक्सलियों पर इन्हों ने बिजल मारे तब नक्सली पार्टी पीछे हटी है।

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Badal Singh Thakur

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