छत्तीसगढ़ में घर-घर जाकर तलाशे जाएंगे कोरोना मरीज, संक्रमण में 6.2 फीसदी की वृद्धि

 छत्तीसगढ़ में घर-घर जाकर तलाशे जाएंगे कोरोना मरीज, संक्रमण में 6.2 फीसदी की वृद्धि
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तोपचंद, रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए अब डोर-टू-डोर ट्रैकिंग की जाएगी| केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ समेत कई राज्य सरकारों को इसके लिए निर्देश दिए हैं। बता दें कि महाराष्ट्र के बाद देश में छत्तीसगढ़ दूसरा राज्य हैं, जहां पर कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में पिछले एक सप्ताह का औसत निकाला जाए तो वहां पर केसों में 6.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव और बिलासपुर सहित छत्तीसगढ़ के कुल 22 जिलों में पिछले 30 दिनों में अपने उच्चतम मामलों को पार कर लिया है।

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इस बीच केंद्र ने कोविड उपयुक्त व्यवहार और टीकाकरण में वृद्धि की रणनीति को दोहराते हुए स्वयंसेवकों, सेवानिवृत्त डॉक्टरों, नर्सों को स्वास्थ्य कर्मचारियों की ताकत बढ़ाने के लिए घर-घर ट्रेसिंग करने को कहा है। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला और केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की| बैठक में ऑक्सीजन की कमी के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। केंद्र ने आश्वासन देते हुए कहा कि उनकी ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की मांग जल्द ही पूरी होगी। राज्यों को टीकाकरण अभियान को बढ़ाने की जरूरत है। खासकर उन क्षेत्रों में जहां मामलों की संख्या में अचानक वृद्धि देखने को मिली है।

सरकार का दावा-प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी नहीं
प्रदेश के अस्पतालों में भर्ती मरीजों के लिए ऑक्सीजन की जद्दोजहद जारी है। इस बीच राज्य सरकार ने बताया कि प्रदेश में रोज 386.92 मीट्रिक टन ऑक्सीजन गैस का उत्पादन हो रहा है। अभी प्रदेश में ऑक्सीजन सपोर्ट वाले 5 हजार 898 मरीजों के लिए प्रतिदिन 110.30 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। बाद में सरकार को ऑक्सीजन के उत्पादन और आपूर्ति के बीच की दिक्कतों की बात समझ में आई है। उसके बाद आपूर्ति पर भी ध्यान देने की कोशिश शुरू हुई है। वहीं राज्य सरकार ने 2009 बैच के आईएएस डॉ. अय्याज फकीरभाई तम्बोली को राज्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। उनको ऑक्सीजन गैस सिलेंडर आपूर्ति एवं समन्वय स्थापित करने का काम करना है ताकि प्रदेश भर के जरूरतमंद मरीजों तक समय पर ऑक्सीजन गैस सिलेंडर पहुंचाए जा सकें।

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