बस्तरिया बैक बेंचर्स ने लॉकडाउन में थाम रखी है जगदलपुर में जिंदगी

 बस्तरिया बैक बेंचर्स ने लॉकडाउन में थाम रखी है जगदलपुर में जिंदगी
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स्पेशल डेस्क, तोपचंद। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की वजह से प्रदेश के ज्यादातर जिले में लॉकडाउन लगाया गया है। ऐसे में मानसिक रोगी और सड़क पर मांगकर खाने वालों के लिए “बस्तरिया बैक बैंचर्स” एक ग्रुप जगदलपुर में खाने-पीने का इंतजाम कर रहा है। इतना ही नहीं लोगों की मदद में  न सिर्फ बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहा है, बल्कि कोरोना संक्रमितों अस्पताल में पिक-आप ड्राप और आवशयकता अनुरूप लोगों को ऑक्सीजन, दवाई और अस्पतालों में बिस्तर तक उपलब्ध करा रहा है, वह भी निशुल्क। “बस्तर बैक बेंचर्स” में कुल 25 सदस्य है, इनमें से कुछ पत्रकार है, कुछ पढ़ने वाले छात्र है और कुछ लॉकडाउन में बेरोजगार हुए युवा है। ये अपने पॉकेट मनी, सेविंग और तनख्वाह से जरुरतमंदों की सच्ची सेवा भाव से मदद कर रहे हैं।

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बस्तरिया बैक बैंचर्स के सदस्य और पत्रकार संजय ठाकुर बताते हैं कि लॉकडाउन के दौरान हमने देखा कि सड़क पर रहने वाले, रोज कमाने और खाने वालों का काम बंद होने की वजह से उन्ही भूखे दिन काटना पड़ रहा था। इसलिए हम लोग उन्हें खाना खिला रहे हैं। संजय का कहना है पहले दिन हम लोग 40 लोगों का खाना बनाकर लोगों की मदद करने के लिए निकले थे। लेकिन ऐसे लोगों की संख्या अधिक थी। हम डिमांड के अनुसार अब सुबह शाम 200 लोगों खाना बनाकर उन्हें बांटते है।

संजय कहते हैं इस काम के लिए प्रशासन और कई अधिकारियों ने मदद की इच्छा जताई, लेकिन ऐसे काम के लिए फंड लेना बेमानी है, बाद में कई तरह के आरोपों का सामना करना पड़ता है। इसलिए हम खुद ही फंड मैनेज कर रहे हैं। कुछ दिन पहले हमें शहर में एम्बुलेंस की जरुरत महसूस हुई तो हमने एक मित्र की मरुर्ती इको गाड़ी किराये पर ली और उसे एम्बुलेंस के रूप में परिवर्तित कर लोगों को अस्पताल पहुँचाने और लाने का काम कर रहे हैं। हमने एक निजी अस्पताल से बात कर एक नर्स और जरुरत के हिसाब से अस्पताल में बेड देने के लिए कहा था। वे हमारी बात पर राजी हुए और अब हमसे जितना बन पड़ रहा है, हम मदद कर रहे हैं।

संजय ने बताया वे इस दौरान अपने घर भी नहीं जाते है, उनका छोटा सा बच्चा है। घर में बुजुर्ग भी रहते हैं। इसलिए वे एक कमरे में शिफ्ट हो गए है, और जो सभी के लिए खाना बनता है। उसी को खाकर रहते हैं। संजय कहते हैं इससे क्वालिटी पर भी असर नहीं पड़ रहा है और अच्छा भोजन देने की हमारी कोशिश सार्थक है। संजय ने जगदलपुर वासियों से अपील की है कि वे प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करे और कोरोना को हराने में भागीदार बने।

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Shrikant Baghmare

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