Topchand Breaking : नक्सली कैद से रिहा जवान पहुंचा तर्रेम थाने, हेलीकॉप्टर से सीधे लाया जा सकता है रायपुर

 Topchand Breaking : नक्सली कैद से रिहा जवान पहुंचा तर्रेम थाने, हेलीकॉप्टर से सीधे लाया जा सकता है रायपुर

बीजापुर, तोपचंद। पिछले शनिवार को फोर्स और नक्सलियों के बीच हुई भुठभेड़ के दौरान अगवा किए गए सीआरपीएफ के जवान को नक्सलियों ने छोड़ दिया है। जवान को छुड़ाने में स्थानीय पत्रकारों की भूमिका अहम रही है।

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सुकमा के जंगलों में अज्ञात स्थान में बड़ी जनसभा के बीच नक्सलियों ने जवान को रिहा किया। इस हेतु नक्सलियो से मध्यस्थता हेतु दो सदस्यीय प्रतिनिधित्व मण्डल का गठन सरकार की तरफ से किया गया था। जिसमे वयोवृद्ध पदम्श्री धरमपाल सैनी व गोंडवाना समाज के अध्यक्ष तेलम बोरिया शामिल थी। जवान राकेश्वर मनहास को सीआरपीएफ के डीआईजी कोमल सिंह को सुपुर्द किया गया है।

शनिवार 03 अप्रैल को सीआरपीएफ और डीआरजी की तर्रेम थाना क्षेत्र में मुठभेड़ हो गई थी। नक्सलियों ने तीन जगह एंबुश लगाकर जवानों को घेर लिया था। भुठभेड़ में 22 जवान शहीद हो गए थे और 31 घायल हुए थे। मुठभेड़ में बड़ी संख्या में नक्सलियों के मारे जाने की भी सूचना मिली थी, लेकिन नक्सलियों ने 4 साथियों के मारे जाने की पुष्टि की। सरकार और पुलिस की ओर से बताया गया कि नक्सली अपने मृत साथियों को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर ले गए हैं। मुठभेड़ के दौरान नक्सलियों ने सीआरपीएफ के जवान राकेश्वर सिंह मनहास को अगवा कर लिया था।

नक्सलियों ने उसे छोड़ने के लिए सरकार के प्रतिनिधमंडल से बात करने की बात कही थी। इसी बीच जेल बंदी रिहाई समिति (यह समिति जेल में बंद आदिवासियों की रिहाई के लिए काम करती है।) की ओर से सोनी सोरी सहित 20 लोग बुधवार को जंगल में गए थे। लेकिन उनका नक्सली नेताओं से संपर्क नहीं हो सका।

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Shrikant Baghmare

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