टाइटैनिक हादसे के 109 साल : दुर्घटना में जान गंवाने वाली मिस फंक ने 114 साल पहले जांजगीर में जगाई थी बालिका शिक्षा की अलख

 टाइटैनिक हादसे के 109 साल : दुर्घटना में जान गंवाने वाली मिस फंक ने 114 साल पहले जांजगीर में जगाई थी बालिका शिक्षा की अलख
[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

तोपचंद, स्पेशल डेस्क। टाइटैनिक जहाज हादसे को आज 109 साल हो गए हैं। लेकिन यह बात कम ही लोगों को मालूम होगी कि दुर्घटना में जान गंवाने वाली अमेरिका की मिस एनी क्लेमर फंक ने 114 साल पहले भारत में बालिका शिक्षा की नींव रखी थी। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में उन्होंने 1907 में गर्ल्स स्कूल की स्थापना की थी और हॉस्टल भी बनवाया था। इसमें 17 छात्राएं रह कर शिक्षा ग्रहण कर रही थीं। यह स्कूल भीमा तालाब के पास किराए के मकान में संचालित था। इसके अवशेष अब नहीं हैं, मगर मिस फंक की मृत्यु के बाद उनकी स्मृति में मिस फंक मेमोरियल स्कूल प्रारंभ किया गया। हालांकि यह स्कूल भी बंद हो गया और भवन भी खंडहर में तब्दील हो गया है।

Header Ad

दुनिया के सबसे चर्चित टाइटैनिक जहाज हादसे की दुखद स्मृति जांजगीर से भी जुड़ी हैं। यहां बतौर मिशनरी सेवा करने 1906 में प्रथम मेनोनाइट महिला मिशनरी बनकर बेल्ली पेनिसिलवेनिया अमेरिका के जेम्स बी की पुत्री मिस एनी क्लेमर फंक भारत आईं और भीमा तालाब के पास 1907 में उन्होंने 17 लड़कियों को लेकर गर्ल्स स्कूल की स्थापना की।

मौत खींच ले गई टाइटैनिक तक

 

उनकी मां सुसन्ना क्लेमर फंक के गंभीर रूप से बीमार होने के कारण मिस फंक को अमेरिका जाना था। वह जांजगीर से मुंबई गईं। फिर पानी के जहाज से इंग्लैंड रवाना हुईं। ब्रिटेन से अमरीका जाने के लिए उन्हें एसएस हेवाफोड्ज जहाज में जाना था, लेकिन कोयला मजदूरों की हड़ताल के कारण वह जहाज नहीं निकला। इसलिए एनी को टाइटैनिक में अपना टिकट बुक कराना पड़ा। उन्होंने 13 पौंड अधिक देकर टाइटैनिक में द्वितीय श्रेणी का टिकट लिया था। उनका टिकट नंबर 237671 था। मगर नियति को कुछ और मंजूर था। 15 अप्रैल 1912 सोमवार के दिन उत्तरी अटलांटिक महासागर में एक हिम खंड से टकराने के बाद उस समय का सबसे बड़ा पानी का जहाज अपनी पहली ही यात्रा में डूब गया। इस हादसे में लगभग डेढ़ हजार यात्रियों की जान चली गई। इनमें मिस फंक भी शामिल थीं। उनका शव भी नहीं मिला। 38 वर्ष तीन दिन की उम्र में वे दुनिया छोड़ गईं। उनकी स्मृति में मिशनरियों ने मिस फंक मेमोरियल स्कूल की शुरुआत की जो एक समय तक मिशन कंपाउंड जांजगीर में संचालित होता रहा। मगर कुछ साल बाद स्कूल बंद हो गया, और भवन भी टूट गया। स्कूल का हॉस्टल अब भी जर्जर अवस्था में है और मिस फंक की याद ताजा कर रहा है। हर साल मिशनरी 15 अप्रैल को उनको याद कर श्रद्धांजलि देते हैं।

टाइटैनिक में मनाया था जन्मदिन

मिस एनी फंक का जन्म 12 अप्रैल 1874 को हुआ था। अमेरिका यात्रा के दौरान जहाज में ही उन्होंने 12 अप्रैल 1912 को अपना अंतिम जन्मदिन मनाया था और 15 अप्रैल को जहाज डूबने से वह भी समुद्र में समा गईं।

जाते-जाते भी दे गईं जीवन दान

ऐसा कहा जाता है कि 14 अप्रैल 1912 की अंधेरी रात में जब टाइटैनिक नार्थ अटलांटिक महासागर में डूब रहा था तब उसमें सवार लोगों को बचाने के लिए जहाज पर लगी छोटी नौका से उन्हें भेजा जाने लगा। अंतिम लाइफ बोट में एनी के लिए एक सीट बची थी, लेकिन उन्होंने वह सीट एक दुधमुंहे बच्चे और उसकी मां को दे दी।

तोपचंद के लिए जांजगीर से बिट्टू शर्मा की रिपोर्ट

Header Ad

Shrikant Baghmare

Related post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Open chat
Join Us On WhatsApp